Thursday, November 12, 2009

मैकेनिक..

परसों घर पर केबल ख़राब हो गया था.. एक अंकल आये थे ठीक करने..  घर पर जब भी ऐसी कोई बात होती है तो मेरा वहां होना बहुत जरुरी है.. आखिर मुझे ही तो सब सिखाना है..   तो देखें पहले तीन फोटो में जब अंकल काम कर रहे थे तो कैसे झांक झांक कर देख रहा था..







और जब थोडी देर बाद जब अंकल चले गए तो मैं शुरू हो गया... अपना पाठ दोहराने..  देखिए इन दो फोटो में...




है न तैयार मैकेनिक..
आया मजा..

16 comments:

हिमांशु । Himanshu November 12, 2009 7:33 AM  

जियो मेकेनिक !

seema gupta November 12, 2009 8:23 AM  

हा हा हा हा हा हा सही जा रहे हो हीरो

love ya

Udan Tashtari November 12, 2009 8:34 AM  

हमारा टी वी बंद है आदि सर...चले आओ..जहाज का टिकट भेज रहे हैं. :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक November 12, 2009 9:12 AM  

भाई मैकेनिक कह कर तौहीन क्यों करते हो?
इंजीनियर कहो ना!

dhiru singh {धीरू सिंह} November 12, 2009 9:23 AM  

इन्जीनियर ही कहेंगे हम भी . बेटा टी वी भी ठीक कर लेना जब मौका लगे

संगीता पुरी November 12, 2009 9:47 AM  

ये क्‍या कर रहे हो .. तुमने मुझे तो डरा ही दिया .. नकल करने के लिए अकल चाहिए होती है .. पर तुम तो बंदरों की तरह बिना अकल के नकल करने लगे !!

नीरज जाट जी November 12, 2009 2:36 PM  

मैकेनिक नहीं यार, इलेक्ट्रीशियन बन गया.

ताऊ रामपुरिया November 12, 2009 4:32 PM  

भाई हमारा फ़्युज उड गया है. अंधेरे में बैठे हैं.तुरंत आवो.

रामराम.

सैयद | Syed November 12, 2009 7:48 PM  

अरे वाह !! बहुत सही जा रहे हो :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey November 12, 2009 8:17 PM  

बहुत चाइल्ड लेबर कराते हैं! :)

राज भाटिय़ा November 12, 2009 9:57 PM  

न तो मेकेनिक ना ही इंजीनियर ना ही इलेक्ट्रीशियन ओर ना ही बंदर है.... आदि तो हमारा मिस्त्री है जी चलो जल्दी करो भाई

Ashish Khandelwal November 13, 2009 11:20 AM  

आदि .. ना ना ना.. ऐसा मत करना दोस्त.. इतनी शैतानी भी अच्छी नहीं

हैपी ब्लॉगिंग

raj November 13, 2009 1:38 PM  

kitne interest se dekh raha hai aadi...par ese door rakhna chahiye in sab se.....safe....

योगेन्द्र मौदगिल November 13, 2009 3:48 PM  

होनहार बीरवान के होत चीकने पात...

नीरज गोस्वामी November 16, 2009 3:53 PM  

अरे वाह तुम तो इंजिनीअर बनोगे...और हमारे साथ काम करोगे...अभी से ये तेवर हैं तो आगे क्या करोगे समझ में आ गया है...और हाँ तुम्हारे ये बाल कब कटेंगे...?
नीरज

Science Bloggers Association November 17, 2009 2:49 PM  

अगर ऐसे मैकेनिक ठीक करे, तब तो चीजें एकदम ही ठीक हो जाएगी।
ह ह हा।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

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मैं आदित्य

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मै आदि हूँ.. मेरा पुरा नाम है.. "आदित्य रंजन".. २ मई २००८ को जोधपुर के "कमला नगर अस्पताल" मे दिन के ३बजकर १४ मिनिट पर मेरा जन्म हुआ.. और मेरे बारे में क्या बताऊ.. ये पूरा ब्लोग ही मेरे बारें में है.. हर रोज नई बात पता चलेगी.. ये सभी बाते आप तक मेरे मम्मी-पापा (अंजु - रंजन) पहुँचा रहे हैं..

आप आये आपका शुक्रिया!!

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